Monday, 21 October 2013

Vihangam Yoga - Unwinding Spirituality


जप, तप, व्रत परब्रह्म प्राप्ति का साधन नहीं बल्कि इन्द्रिय, अन्त:करण और मन को शुद्ध करने के बाह्य साधन हैं। इसके आगे परब्रह्म-प्राप्ति के लिये सदगुरु की आवश्यकता होती है।
-- प्रथम परंपरा सदगुरु श्री धर्मचंद्रदेव जी महाराज, बोधामृत

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