प्रत्येक योग साधक के लिए यह अनिवार्य है कि ध्यान करने से पूर्व स्वर्वेद के दोहों का पाठ कर ले, देखिए कितना परिवर्तन होता है | स्वर्वेद के दोहों में Sadguru की शक्ति कार्य करती है | हमारे अन्दर एक विशेष शक्ति का जागरण होता है | हमारे शरीर में कम्प होने लगता है | क्योंकि ये दोहे हैं, अनुभवसिद्ध और आप्त हैं | महान योगी के ह्रदय की वाणियाँ हैं | यह अमृत की अविछिन्न पीयूषधारा है |
-संत प्रवर विज्ञान देव जी महाराज

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