योग की जो भूमि है वह आध्यात्मिक है, उसका जो आधार है वह आत्मिक है| विहंगम योग के प्रणेता अनन्त श्री सद्गुरु सदाफल देव जी महाराज ने योग के उसी महान विज्ञान को प्रतिपादित किया, अपनी कठिन तपश्चर्या के बाद योग के सारे रहस्यों को अनावृत किया | हम इसे जानने का अवस्य प्रयत्न करें, योग की गहराइयों में उतरने का प्रयत्न करें| विहंगम योग के प्रमुख अध्यात्मिक सद्ग्रन्थ 'स्वर्वेद' के माध्यम से हम इसका तत्वज्ञान प्राप्त करें और केवल बौद्धिक ज्ञान ही प्राप्त न करें, उसकी क्रियात्मक साधना की तरफ भी बढ़ सकें| यह हमारा प्रयास होना चाहिए!

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